रैसलर दिव्या काकरण ने चीन की वैनलिंग को 90 सैकंड में हराकर जीता ब्रॉन्ज

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दिल्ली की रैसलर दिव्या काकरण सेन ने एशियाई गेम्स के 68 किलोग्राम वुमैंस फ्री स्टाइल रैसलिंग में ब्रॉन्ज जीत लिया है। इससे पहले दिव्या गोल्ड की रेस से बाहर हो गई थी। लेकिन उन्होंने जबरदस्त वापसी करते हुए ब्रॉन्ज के लिए चाइना की वैनलिंग चैन को हरा दिया। दिव्या शुरू से ही अपने प्रतिद्वंद्वी पर भारी पड़ती नजर आ रही थी। उन्होंने पहले ही मिनट में 6-0 की लीड बना ली थी। इसके बाद एक पावरफुल टैकल लगाया। टैक्निकल एनालिसिस के साथ ही दिव्या को विजेता घोषित कर दिया गया। दिव्या को पूरी बाउट जीतने में महज 90 सैकेंड ही लगे। बता दें कि दिव्या ने बीती कॉमनवैल्थ गेम्स में भी ब्रॉन्ज जीता था। इसके अलावा वह एशियन चैम्पियनशिप में सिल्वर तो कॉमनवैल्थ चैम्प्यिनशिप में गोल्ड भी जीत चुकी हैं।

बेहद साधारण परिवार से निकली दिव्या पहली बार तब चर्चा में आई थी जब यूपी में एक नामी दंगल दौरान उन्होंने पुरुष पहलवान को चित कर दिया था। दिव्या के इलाके में उनकी पहचान ही ऐसे पहलवान के रूप में हैं जो नामी दंगलों में लड़कों से टक्कर लेती है। दिव्या का भाई भी कुश्ती का खिलाड़ी रहा है, ऐसे में बचपन में भाई को दंगल में जाता देख दिव्या ने भी घर में ही प्रैक्टिस शुरू कर दी। दिव्या के पिता सूरज पहलवान घर में आर्थिक तंगी के कारण अब पहलवानों के लंगोट सिलकर घर का खर्चा चलाते हैं। यूपी के जिला मुज्जफर नगर के गांव पुरबालियान की रहने वाली दिव्या ने महज आठ साल की उम्र से ही अखाडा गुरु राजकुमार गोस्वामी व बाद में अखाड़ा गुरु प्रेमनाथ में कुश्ती कला में निपुणता हासिल की।

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