SBI अपने ग्राहकों को देता है गारेंटेड पेंशन, इसके लिए करें ये

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रिटायरमेंट के बाद पेंशन ही होती है जिसके जरिए लोग जीवन निर्वाह करते हैं. देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक SBI भी अपने ग्राहकों को गारेंटेड पेंशन स्कीम चलाता है. मान लीजिए आपने 21 वर्ष की उम्र से कमाई शुरू कर दी है और इसी साल से आपने एनपीएस में हर महीने 1000 रुपये जमा कराने भी शुरू कर दिए हैं. इस हिसाब से आप एनपीएस में हर साल 12,000 रुपये जमा करा रहे हैं. इसके लिए आप नेशनल पेंशन सिस्टम सहारा ले सकते हैं आइए आपको बताते हैं NPS में निवेश करने के फायदों के बारे में:

क्या है एनपीएस ?
नेशनल पेंशन सिस्टम यानी एनपीएस एक सरकारी रिटायरमेंट सेविंग स्कीम है, जिसे केन्द्र सरकार ने 1 जनवरी 2004 को लॉन्च किया था. इस तारीख के बाद ज्वाइन करने वाले सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए यह योजना अनिवार्य है. 2009 के बाद से इस योजना को प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले लोगों के लिए भी खोल दिया गया. अब सरकारी के साथ-साथ प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाला कोई भी कर्मचारी अपनी मर्जी से इस योजना में शामिल हो सकता है. रिटायरमेंट के बाद कर्मचारी एनपीएस का एक हिस्सा निकाल सकते हैं और बाकी रकम से रिटायरमेंट के बाद रेगुलर इनकम के लिए एनुइटी ले सकते हैं.

स्कीम में शामिल होने की शर्तें
कोई भी भारतीय नागरिक जिसकी उम्र 18 से 60 साल के बीच है, इसमें शामिल हो सकता है. इस स्कीम में शामिल होने के लिए नो योर कस्टमर (केवाईसी) नियमों का पालन करना जरूरी है.

कैसे खुलता है खाता:
सरकार ने देश भर में पॉइंट ऑफ प्रेजेंस (पीओपी) बनाए हैं, जिनमें एनपीएस अकाउंट खुलवाया जा सकता है. देश के लगभग सभी सरकारी और प्राइवेट बैंकों को पीओपी बनाया गया है, आप पेंशन फंड रेगुलेटरी एवं डेवलपमेंट अथॉरिटी (पीएफआरडीए) की बेवसाइट के जरिये https://www.npscra.nsdl.co.in/pop-sp.php भी प्वाइंट ऑफ प्रेजेंस तक पहुंच सकते हैं. किसी भी बैंक की नजदीकी ब्रांच में भी खाता खुलवाया जा सकता है.

खाता खुलवाने के लिए ये हैं जरूरी दस्तावेज:

एड्रेस प्रूफ

आइडेंटिटी प्रूफ

बर्थ सर्टिफिकेट या दसवीं कक्षा का सर्टिफिकेट

सब्सक्राइबर रजिस्ट्रेशन फॉर्म

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