नवरात्रि 2018 : नवरात्रि के 5वें दिन करें मां स्कंदमाता की पूजा, होगी सारी मनोकामनाएं पूर्ण

0
146

नवरात्र के पांचवे दिन माँ दुर्गा के रूप स्कंदमाता देवी की आराधना की जाती है | ये कार्तिकेय और गणेश जी की मां हैं| स्कंदमाता पार्वती जी का ही स्वरूप हैं| ये कमल के आसान में विराजमान रहती है| स्कंदमाता  की चार भुजाये है, अपनी दो भुजाओं में कमल लिए, एक भुजा से आशीर्वाद देते हुए और अपनी एक भुजा से कार्तिक्य को गोद लिए होती है|  सिंह इनका वाहन होता है |स्कन्दा कार्तिक्य के कारन इनको स्कंदमाता के नाम से जाना जाता है

तारकासुर का वध करने के लिए देवी पार्वती और शंकर जी ने विवाह किया. उनसे कार्तिकेय उत्पन्न हुए और तारकासुर का अंत हुआ | तारकासुर को यह वरदान प्राप्त था कि वह भगवान शिव के शुक्र से उत्पन्न पुत्र द्वारा ही मृत्यु को प्राप्त हो सकता है, अन्यथा नहीं | मोक्ष के द्वार खोलने वाली स्कन्दामात परम सुखदायनी है| माना जाता है की इनकी उपासना से सारी  मनोकामनाएं पूर्ण होती है |

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here