जेट एयरवेज में यात्रियों के कान-नाक से इसलिए बहने लगा था खून, क्या है केबिन प्रेशर जानिए ?

0
76

जेट एयरवेज की एक फ्लाइट में गुरुवार सुबह अचानक यात्रियों की नाक और कान से खून बहने लगा. इस वजह से मुंबई से जयपुर के लिए 166 यात्रियों के साथ उड़ान भरने वाली जेट एयरवेज की फ्लाइट को टेकऑफ के तुरंत बाद वापस मुंबई उतारना पड़ा.

टेकऑफ के दौरान चालक दल के सदस्‍य प्‍लेन के केबिन प्रेशर को बरकरार रखने वाले स्विच को दबाना भूल गए थे. इसके चलते 166 में से 30 यात्रियों की नाक और कान से खून बहने लगा और कुछ को सिरदर्द की शिकायत हुई.

सवाल उठता है कि केबिन प्रेशर को बरकार रखने वाले स्विच को दबाना क्‍यों जरूरी होता है? दरअसल, ऊंचाई बढ़ने के कारण ऑक्सीजन का दबाव कम हो जाता है, जिसकी वजह से सांस लेने में परेशानी होती है. ऐसे में केबिन प्रेशर का इस्तेमाल किया जाता है. ऊंचाई में केबिन प्रेशर को मेंटेन किया जाता है, लैंड करते वक्त इसे कम किया जाता है.

फ्लाइट के गर्म इंजन और हाई प्रेशराइज़्ड हवा को ब्लीड एयर कहा जाता है. इसे ठंडा कर केबिन में मौजूद हवा में मिक्स किया जाता है और Outflow Volve के जरिए केबिन में छोड़ा जाता है. इसी के जरिए हवा के लेवल को मेंटेन किया जाता है. इस प्रोसेस के बाद यात्री बिना किसी तकलीफ के 30 हजार की ऊंचाई पर भी सांस ले सकते हैं.

जेट एयरवेज़ की उस उड़ान के क्रू को ड्यूटी से हटा दिया गया है. बता दें कि कानून के तहत यदि कोई यात्री किसी एयरलाइन से यात्रा के समय घायल होता है तो एयरलाइन को उसे मुआवजा देना होता है. एक सूत्र ने कहा कि यात्री ने दावा किया है कि जेट एयरवेज ने यात्रियों का ध्यान नहीं रखा. ऐसे में उसे 30 लाख रुपये का मुआवजा तथा 100 अपग्रेड वाउचर दिए जाएं ताकि वह इकनॉमी श्रेणी के टिकट पर बिजनेस श्रेणी में यात्रा कर सके.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here