DGCA को NGT की चेतावनी- विमान से मल गिरा तो रोक देंगे सैलरी

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NGT ने विमान से मानव मल गिराने के मामले में नागरिक विमानन महानिदेशालय (DGCA) की फटकार लगाई है. एनजीटी ने कहा कि DGCA ने यह सुनिश्चित करने के सर्कुलर की बार-बार अवज्ञा की है कि इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पर संचालित एयरलाइन के विमान उड़ान के दौरान शौचालय टैंक खाली ना करें.

NGT अध्यक्ष न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की अगुवाई वाली पीठ ने शुक्रवार को चेतावनी दी कि अगर इस आदेश का 31 अगस्त तक अनुपालन नहीं किया गया तो नागर विमानन महानिदेशक की सैलरी रोक दी जाएगी.

ग्रीन ट्रिब्यूनल ने इस बात पर सख्त नाराजगी जताई कि उसके स्पष्ट आदेश के बावजूद इस मुद्दे पर विमानन नियामक द्वारा न तो कोई स्पष्टीकरण दिया गया और न ही उसका अनुपालन किया गया.

न्यायमूर्ति गोयल और न्यायमूर्ति जावद रहीम की पीठ ने कहा कि डीजीसीए द्वारा न कोई वैध स्पष्टीकरण दिया गया और न ही आदेश का अनुपाल किया गया. ऐसे में हमारे पास डीजीसीए को 31 अगस्त तक इन निर्देशों का पालन करने का निर्देश देने के सिवा कोई विकल्प नहीं है.

सुनवाई के दौरान DGCA ने कहा कि आदेश का अब तक इसलिए पालन नहीं किया गया क्योंकि एनजीटी के आदेश के खिलाफ समीक्षा याचिका दायर है. बता दें कि डीजीसीए ने यह दावा करते हुए NGT के 20 दिसंबर, 2016 और 10 जनवरी के आदेश पर स्थगन और समीक्षा की मांग की थी कि उड़ान के दौरान विमान के शौचालय से मल को डंप करना असंभव है.

गौरतलब है कि अक्टूबर 2016 में दिल्ली निवासी लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत) सतवंत सिंह दहिया ने मामला दर्ज कर आरोप लगाया था कि उनके इलाके के मकान रात में एयरलाइनों द्वारा विमानों से मल डालने के कारण क्षतिग्रस्त हो गए हैं.

NGT ने दिसंबर, 2016 में डीजीसीए को निर्देश दिया था कि वे एयरलाइनों को निर्देश जारी कर कहें कि अगर उनके विमान उड़ान के दौरान मल और अप्शिष्ट डंप करते हुए पाए गए तो उन्हें 50,000 रुपये जुर्माना भरना होगा.

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