टी-20 विश्वकप की यादें.. जोगेंद्र शर्मा की गेंद पर श्रीसंत ने कांपते हाथ से पकड़ा था मिस्बाह का कैच

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INDIA VS PAKISTAN T20 FINAL

डेस्क। धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया ने आज ही के दिन यानी 24 सितंबर को टी-20 विश्वकप का पहला खिताब जीतकर इतिहास रचा था। विश्वकप के ख़िताब से भी बड़ी चीज़ पाकिस्तान को हराना था। उस समय पाकिस्तान की टीम टी-20 में सबसे अच्छी टीम थी। लेकिन धोनी ने युवा खिलाड़ियों के साथ मिलकर उस खिताब पर कब्ज़ा जमाया।

साउथअफ्रीका के जोहानसबर्ग मैदान पर खेला गया वो मैच आज भी लोगों के दिमाग में है। अंतिम गेंद तक चले उस मैच में एक बार तो क्रिकेट फैन्स की सांसे रूक गई थी लेकिन फिर जैसे ही टीम इंडिया ने मैच जीता तो भारतीय फैन्स शहरों से लेकर गांव ढाणियों में भी जश्न मनाने लगे। वो दिन देश में दीवाली से कम नहीं था। देश के हर कोने में भारत माता की जय के जयकारों के साथ पटाखे छोड़े जा रहे थे।

धोनी ने ऐसे लिखी थी उस जीत की कहानी…

पाकिस्तान के मुकाबले भारतीय टीम में अनुभवी खिलाड़ियों की कमी थी। टॉस जीतकर धोनी ने पहले बल्लेबाज़ी का फैसला किया। पाकिस्तान की गेंदबाज़ी आक्रमण के सामने गौतम गंभीर ने मोर्चा संभाले रखा। वही दूसरे छोर से विकेट गिरते रहे। गंभीर के 75 रनों की मदद से टीम धोनी ब्रिगेड ने पाक के सामने 158 रनों का लक्ष्य रखा।

लक्ष्य का पीछा करने उत्तरी पाकिस्तान टीम को आरपी सिंह ने पहले दो ओवर में दो बड़े झटके दिए। इसके बाद पाक टीम की हालत और ख़राब होती गई। एक समय टीम का स्कोर 104 रनों पर 7 विकेट था। उस समय पाक को 24 गेंदों पर 54 रनों की दरकरार थी। भारतीय फैन्स टीम की जीत के लिए आश्वस्त हो गए थे।

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लेकिन उसके बाद मैदान पर मिस्बाह-उल-हक़ ने जो किया उससे करोड़ों भारतीय फैन्स की सांसे रूक गई। हर कोई धोनी की कप्तानी पर अचानक सवाल उठाने लगा। मिस्बाह ने हरभजन सिंह की चार गेंदों पर लगातार चार छक्के जड़कर टीम को जीत की ओर बढ़ाया।

अंतिम ओवर में धोनी ने जोगेंद्र शर्मा पर दांव खेला। पाकिस्तान टीम को जीत के लिए अंतिम ओवर में 13 रनों की जरुरत थी। लेकिन मिस्बाह ने दूसरी गेंद पर छक्का लगाया दिया। भारतीय फैन्स का गुस्सा दिखने लगा। लेकिन धोनी के साथ पूरी टीम तनाव में थी।

अगली गेंद पर मिस्बाह ने गेंद को छक्के के लिए खेला लेकिन उनका शॉट इस बार थोड़ा छोटा रह गया। गेंद के निचे श्रीसंत थे कैच लेते समय श्रीसंत के हाथ कांप रहे थे। लेकिन जैसे-तैसे उन्होंने कैच पकड़ लिया। उसके बाद स्टेडियम से फैन्स पिच पर आ गए। पूरा स्टेडियम भारत माता के जयकारों से गूंजने लगा।

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