लैपटॉप चलाना पड़ा महंगा, बिजली विभाग ने 13 हजार का थमाया बिल

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भोपाल: एक छात्रा को लैपटॉप चलाना इतना महंगा पड़ गया की उसके परिवार पर बिजली चोरी का आरोप तक लगा दिया गया. इतना ही नहीं बिजली विभाग ने छात्रा के पिता को 13 हजार रुपये का बिल भी पकड़ा दिया है. यह पूरी घटना सतना जिले के बिरसिंहपुर इलाके की है. पीड़ित छात्रा साक्षी के अनुसार उसे इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि लैपटॉप का इस्तेमाल करने की इतनी महंगी कीमत चुकानी होगी. साक्षी को 12वीं की परीक्षा में 87 फीसदी अंक आए थे. इसी वजह से राज्य सरकार ने उसे लैपटॉप और 25 हजार रुपये का इनाम दिया था. अब परिवार सरकार से लैपटॉप वापस लेने की बात कह रहा है.

सिविल सेवा में जाने का सपना देखने वाली साक्षी ने डेस्कटॉप खरीदा पढ़ाई में तल्लीन हो गई लेकिन एकल बत्ती कनेक्शन में कंप्यूटर चलाना बिजली विभाग को नागवार गुजरा उन्होंने परिवार को 13000 का बिल थमा दिया. इस पूरे मामले पर साक्षी का कहना है कि 12वीं में हमें 85 परसेंट से ज्यादा नंबर आए जिससे सीएम साहब ने हमें लैपटॉप दिया. हम उससे पढ़ते भी हैं दूसरा काम भी करते हैं ताकि किताबें खरीद सकें लेकिन बिजाली विबाग ने हमपर बिजली चोरी का आरोप लगा दिया.

हम चाहते हैं मुख्यमंत्री जी सतना आएं तो लैपटॉप ले जाएं हमें जरूरत नहीं है. साक्षी का परिवार आर्थिक रूप से काफी कमजोर है. उसके परिवार का कच्चा मकान धराशाई हो गया और पक्का मकान अधूरा है, बरसात में यहां रहना मुश्किल है. बड़ी बहन 2015 में बीएड कर चुकी है लेकिन उसे अभी तक नौकरी नहीं मिली है. बिजली विभाग के इस फरमान से अब इस परिवार की समस्या बढ़ गई है.

साक्षी के पिता ने बताया कि बिजली विभाग वाले घर आए हमनें कहा मुख्यमंत्री ने दिया है तो माने नहीं 13000 का नोटिस भेज दिया. हम वहां गये रसीद दिखाया तो कहा बन जाएगा फिर 7000 का नोटिस भेज दिया. मैं सब्जी की दुकान लगाता हूं, 4 बच्चों को पढ़ाना है बहुत समस्या है. उन्होंने बताया कि एकल विद्युत कनेक्शन में बिजली विभाग ने कंप्यूटर चलाने को व्यसायिक उपयोग माना जिसके आधार पर कार्रवाई की गई. वहीं अधीक्षण यंत्री केजी द्विवेदी ने कहा कि स्कैनर भी रखा था फोटो कॉपी भी करते थे उसी तरह कंप्यूटर से संबंधित व्यवसायिक गतिविधियां भी थीं, दुकान का स्वरूप दे दिया गया था इसके आधार पर रिकवरी निकाली है.

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