GST में छूट के बाद सैनेटरी पैड के अलावा ये सामान भी सस्ते होंगे

0
150

नई दिल्ली: GST परिषद की बैठक में सैनेटरी पैड के साथ-साथ कई अन्य सामानों पर से भी GST को हटाने या कम करने का फैसला किया गया है. इसका मतलब यह हुआ कि अब आपको इन सामान के लिए जीएसटी टैक्स के तौर पर अतिरिक्त पैसे का भुगतान नहीं करना होगा. बैठक में सैनेटरी पैड के अलावा जिन उत्पाद पर से जीएसटी हटाई गई है उनमें खास तौर पर टीवी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन और बिजली से चलने वाले कुछ घरेलू उपकरणों और अन्य उत्पादों पर भी कर की दरें कम की हैं.

वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने जीएसटी परिषद की 28वीं बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि सैनिटरी पैड से जीएसटी कर की दर को 12 प्रतिशत से कम करके शून्य कर दिया गया है. जबकि राखी को भी जीएसटी से छूट दे दी गयी है. जिन अन्य उत्पादों पर जीएसटी की दर कम की गयी हैं, उनमें जूते – चप्पल (फुटवियर), छोटे टीवी , पानी गर्म करने वाला हीटर , बिजली से चलने वाली इस्त्री (आयरनिंग) मशीन , रेफ्रिजरेटर , लीथियम आयन बैटरी, बाल सुखाने वाले उपकरण (हेयर ड्रायर), वैक्यूम क्लीनर, खाद्य उपकरण और एथनॉल शामिल हैं.

गोयल ने कहा कि जीएसटी परिषद ने कई उत्पादों पर कर में कटौती की है. राखी को जीएसटी से छूट दी गयी है , एथनॉल पर कर को कम करके 5 प्रतिशत किया गया और दस्तकारी के छोटे सामानों को कर से छूट दी गयी है. निर्माण क्षेत्र के काम आने वाले तराशे हुये कोटा पत्थर, सैंड स्टोन और इसी गुणवत्ता के अन्य स्थानीय पत्थरों पर GST की दर को 18 से घटाकर 12 प्रतिशत किया गया है. एक हजार रुपये मूल्य तक के जूते-चप्पल पर अब 5 प्रतिशत का कर लगेगा. पहले यह रियायती दर केवल 500 रुपये मूल्य के जूते-चप्पल पर लागू थी. मध्यम वर्ग द्वारा इस्तेमाल किये जाने वाले 17 उत्पादों जैसे पेंट्स, फ्रिज,वॉशिंग मशीन, वैक्यूम क्लीनर, पानी गर्म करने वाला हीटर, 68 सेमी तक के टीवी पर कर की दर को 28 प्रतिशत से कम करके 18 प्रतिशत किया गया है. GST परिषद की अगली बैठक 4 अगस्त को होनी है. गोयल ने कहा कि जीएसटी की नई दरें 27 जुलाई से लागू की जायेंगी.

GST परिषद ने छोटे कारोबारियों की सुविधा के लिये फैसला किया है कि सालाना पांच करोड़ रुपये से नीचे के कारोबार करने वाले तिमाही रिटर्न दाखिल कर सकते हैं. इस फैसले से 93 प्रतिशत इकाइयों को सुविधा होगी. तिमाही रिटर्न भी मासिक रिटर्न के जैसा ही भरना पड़ेगा. इसमें बी2सी (व्यवसायी से उपभोक्ताओं को बिक्री) और बी2बी (व्यावसायिक इकाई से व्यवसायिक इकाई को आपूर्ति)+ बी2सी कारोबार करने वाली छोटी इकाइयों के लिये दो साधारण रिटर्न फॉर्म ‘सहज’ और ‘सुगम’ तैयार किये गये हैं. वित्त मंत्री ने बताया कि परिषद ने रिवर्स चार्ज व्यवस्था पर अमल को और एक साल (30 सितंबर 2019 तक) के लिये स्थगित कर दिया है. छोटे व्यापारियों के संगठन कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया को सरल बनाने के फैसले का स्वागत किया है.

कैट ने सैनिटरी नैपकिन पर जीएसटी खत्म करने तथा घरेलू उपकरणों पर करों में कटौती किये जाने का भी स्वागत किया है. कैट के महासचिव प्रवीण खंडेलवाला ने कहा कि आज का फैसला सरकार का सजगतापूर्ण निर्णय है. इससे उपभोक्ता वस्तुओं के दाम कम होंगे, कर का दायरा बढ़ेगा व सरकार को ज्यादा राजस्व प्राप्त होगा.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here