दशहरा स्पेशल: राजस्थान की इस जगह हुआ था रावण-मंदोदरी का विवाह!

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famous temples of ravana

डेस्क। नवरात्री के बाद दशहरा का पर्व देशभर में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। विजयदशमी के दिन रावण के पुतलों का दहन किया जाता है। लेकिन भारत में कई ऐसी जगह जहां रावण की पूजा की जाती है और दशहरा के दिन शोक मानते है। आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ मंदिरों के बारे में:

बिसरख (उत्तर प्रदेश): गाजियाबाद के पास स्थित बिसरख गांव में स्थित है रावण का मंदिर। यहां रावण की जन्मस्थली और ननिहाल बताया जाता है। यहां आज भी दशहरे के दिन लोग उत्साह नहीं बल्कि शोक मनाते हैं। यहां सुबह-शाम दोनों समय रावण की पूजा की जाती है।

दशानन रावण मंदिर(कानपुर): कानपुर के शिवाला में दशानन रावण मंदिर स्थित है। यह मंदिर साल में एक ही बार दशहरे के दिन खुलता है। हजारों लोग इस मंदिर में दर्शन करने के लिए आते हैं। माना जाता है कि यहां मांगी गई मन्नतें पूरी होती हैं।

मंदसौर (मध्यप्रदेश): मध्यप्रदेश के मंदसौर शहर को रावण की ससुराल के रूप में जाना जाता है। यहां रावण दहन नहीं बल्कि दामाद के रूप में रावण का मान किया जाता है। यहां आज भी महिलाएं रावण के मंदिर के सामने घूंघट करती हैं।

मन्दोदरी (राजस्थान): जोधपुर जिले के मन्दोदरी नाम के क्षेत्र को रावण और मन्दोदरी का विवाह स्थल माना जाता है। जोधपुर में रावण के मंदिर का निर्माण करवाया है जहां नियम से दशानन की पूजा की जाती है। जोधपुर में रावण और मन्दोदरी के विवाह स्थल पर आज भी रावण की चवरी नामक एक छतरी मौजूद है।

बैजनाथ (हिमाचल प्रदेश): हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में शिवनगरी के नाम से मशहूर बैजनाथ कस्बा है। यहां के लोग रावण का पुतला जलाना पाप मानते है। यहां पर रावण की पूरी आस्था के साथ पूजा-अर्चना की जाती है। मान्यता है कि यहां रावण ने कुछ साल बैजनाथ में भगवान शिव की तपस्या कर मोक्ष का वरदान प्राप्त किया था।

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