चीन ने कहा- हम नहीं चाहते बॉर्डर पर हालात बिगड़े, डोकलाम जैसी घटना फिर हो…

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डोकलाम सीमा विवाद के दौरान भारत और चीन की सेना आमने-सामने आ गई थीं। लगभग 72 दिनों तक डोकलाम सीमा पर दोनों देशों के सैनिक डटे रहे थे।

डोकलाम विवाद को पीछे छोड़ अब चीन भारत के साथ मिलकर बॉर्डर पर शांति कायम करने को अग्रसर है। भारत में चीन के राजदूत ल्‍यू झाओहुई ने कहा कि हम डोकलाम जैसी कोई घटना फिर खड़ी नहीं कर सकते हैं। ऐसे हालात बॉर्डर पर फिर हों, हम नहीं चाहते। आइए बॉर्डर पर शांति बनाए रखने के लिए संयुक्त प्रयास करें। बता दें कि डोकलाम सीमा विवाद के दौरान भारत और चीन की सेना आमने-सामने आ गई थीं। लगभग 72 दिनों तक डोकलाम सीमा पर दोनों देशों के सैनिक डटे रहे थे।

चीन के राजदूत झाओहुई Beyond Wuhan: How far and fast can India China relations go कार्यक्रम में बोल रहे थे। बता दें कि वुहान शिखर वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्‍ट्रपति शी चिनफिंग की अनौपचारिक बैठक के दौरान डोकलाम विवाद की कड़वी यादों को पीछे छोड़ द्पिक्षीय संबंधों को आगे ले जाने पर बातचीत हुई थी।

ऐसा कहा जा रहा था कि शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सम्‍मेलन में भारत, चीन और पाकिस्‍तान के बीच वार्ता की संभावना है। चीनी एंबेसडर ने सोमवार को बयान दिया कि हाल ही में भारत और पाकिस्तान शंघाई सहयोग संगठन का हिस्सा बने हैं, ऐसे में ये मंच भारत और पाकिस्तान को करीब लाने में मदद कर सकता है। झाओहुई ने कहा कि कुछ भारतीय मित्रों ने सुझाव दिया कि भारत, चीन और पाकिस्तान में एससीओ के दौरान किसी तरह का त्रिपक्षीय शिखर वार्ता हो सकती है। यदि चीन, रूस और मंगोलिया में एक त्रिपक्षीय शिखर सम्मेलन हो सकती है, तो फिर भारत, चीन और पाकिस्तान के बीच क्यों नहीं हो सकती?

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