इमरान बने पाकिस्तान के नये कप्तान : एक तरफ आतंकी तंजीम तो दूसरी ओर सेना का साथ

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नई दिल्ली: क्रिकेटर से नेता बने इमरान खान को नेशनल असेंबली ने शुक्रवार को पाकिस्तान के 22वें प्रधानमंत्री के रूप में चुना है. इमरान खान आज प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे. डॉन ऑनलाइन की रपट के अनुसार, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने 176 सीटें जीती, जबकि उनके विरोधी पाकिस्तान मुस्लिम लीग(नवाज) के अध्यक्ष शहबाज शरीफ को केवल 96 वोट मिले.

पाकिस्तान की सत्ता संभालने जा रहे इमरान खान ने भारत के साथ अच्छे रिश्ते की वक़ालत की है. लेकिन उन पर फौज के साथ मिलकर राजनीति करने के आरोप लग रहे हैं तो ऐसे में सवाल उठता है कि प्रधानमंत्री बनने के बाद भारत को लेकर उनका रुख़ क्या होगा.

इमरान खान अपने चुनावी भाषणों में कई बार बानगी पेश कर चुके हैं कि भारत को लेकर वह क्या सोचते हैं यहां तक की अपने धुर विरोधी नवाज शरीफ पर आरोप लगाने में भी वह भारत को घसीटते रहे हैं. जैसे ही भारत और पाकिस्तान के रिश्तों की बात आती है तो इमरान के तेवर काफी तल्ख होते हैं जिसमें कोई गुंजाइश नजर नहीं आती. हालांकि सत्ता पर बैठने के बाद हर कोई अपने आपको थोड़ा ठीक करने की कोशिश करता है.

इमरान खान कहते हैं कि भारत ने नवाज के साथ मिलकर पाकिस्तान की फौज को कमजोर किया है यानि एक तीर से दो निशाने साधे हैं. पाकिस्तान की फौज को पूरी तरह से सर आंखों पर बिठाते हैं तो दूसरी और नवाज पर आरोप भी लगाते हैं और पाकिस्तान में भारत विरोधी भावना को भड़काते हैं. अपने चुनावी भाषणों में वह प्रधानमंत्री मोदी को काफी भला बुरा कह चुके हैं. वह कभी नहीं चाहेंगे कि पाकिस्तान की आवाम के सामने उनकी छवि ऐसे बने जिससे लगे कि वह भारत के सामने झुक गये हैं. इसलिये ऐसा लगता है कि इमरान की सत्ता आने के बाद भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में तल्खी बढ़ भी सकती है.

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