Published On: Tue, Apr 17th, 2018

​जेल में ही सुनाया जायेगा आसाराम का फैसला: हाईकोर्ट 

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जेल में लगेगी अदालत

जोधपुर। अपने की गुरूकुल की शिष्या के साथ यौन उत्पीडन मामले में आसाराम का फैसला 25 अप्रेल को कोर्ट में ही सुनाया जायेगा। फैसला कोर्ट में होगा या फिर जेल में इसके लिए सुनवाई मंगलवार को हाईकोर्ट में हुई। जिसमे होईकोर्ट खंडपीठ के जस्टिस जी.के.व्यास व जस्टिस आर.एस.झाला ने दोनों पक्ष को सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रखते हुए खुले न्यायालय में फैसला सुनाया गया। खंडपीठ ने उक्त मामले में पुलिस कमिश्नरेट के डीसीपी इस्ट की ओर से प्रस्तुत प्रार्थना पत्र को मंजूर करते हुए आसाराम के यौन उत्पीडन मामले में फैसला 25 अप्रेल को जिला न्यायालय में सुनाया जाने बाबत होईकोर्ट में अतिरिक्त महाधिवक्ता शिवकुमार व्यास की ओर से प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करते हुए कोर्ट में गत सप्ताह शुक्रवार को जेल में फैसला सुनाये जाने का आग्रह किया गया था।

जिस पर हाईकोर्ट जस्टिस गोपालकृष्ण व्यास की खंडपीठ ने इस मामले में आसाराम की और से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता महेश बोड़ा व सज्जनराज सुराणा ने उक्त प्रार्थना पत्र का जवाब देने के लिए समय चाहा था। इसके बाद बुधवार को उक्त मामले की सुनवाई में आसाराम के अधिवक्ताओं ने जवाब प्रस्तुत करते हुए बहस की गई। जिस पर खंडपीठ ने पक्ष-विपक्ष दलीलों को सूनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था और दोपहर तक इस मामले में न्यायालय ने फैसला सार्वजनिक रूप से सुनाते हुए आसाराम मामले में फैसला कोर्ट में सुनाए जाने का निर्णय दिया गया है। अब इस मामले में 25 अप्रेल को जेल में ही आसाराम की सजा को लेकर फैसला होगा।

यह कहा कोर्ट ने फैसले में

कोर्ट ने एएजी शिवकुमार व्यास की दलीलों को स्वीकार करते हुए आदेश में यह बात लिखी गई है कि आमजन व आसाराम की सेफ्टी को देखते हुए फैसला कोर्ट में ही सुनाया जाना उचित होगा। इसके साथ ही कोर्ट ने उक्त आदेश में रिपोर्टेबल जजमेंटस् का हवाला देते हुए कहा है, कि पब्लिक प्रोपर्टी को नुकासान नही होने के साथ ही आम जन की सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए तथा आसाराम के फोलोअर्स की ज्यादा तादात के कारण कहीं यहां भी राम रहीम केस जैसी स्थिति पैदा नहीं हो इसके लिए आरोपी आसाराम मामले में जेल में फैसला सुनाया जाना आवश्यक है।

जेल में लगेगी अदालत

यौन उत्पीड़न आरोपी आसाराम का फैसले को लेकर 25 अप्रेल को जेल में ही अदालत लगाई जायेगी। जिसमे एससीएसटी कोर्ट के सेशन कोर्ट जज द्वारा जेल में ही फैसला सुनाया जायेगा। इसकों लेकर कोर्ट के बाहर पुलिस सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता बंदोबस्त किए जायेंगे।

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