Published On: Sat, Mar 17th, 2018

सपा को मिला बसपा का साथ, क्या शिवपाल सिंह से मिल पाएगा दिल

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समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान पारिवारिक कलह को सीट का झगड़ा बताते हुए अब सब कुछ सामान्य होने का दावा किया है। दूसरी तरफ, राज्य की दो लोकसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजों ने 2017 में करारी शिकस्त झेल चुकी सपा में जान फूंकने का काम किया है. ऐसे में चर्चा इस बात को लेकर भी है कि क्या ये जीत चाचा शिवपाल और अखिलेश के बीच की खाई को भरने में भूमिका निभाएगी।

दरअसल, इसके पीछे चुनाव नतीजों के बाद आए शिवपाल यादव के बयान भी हैं। वहीं, अखिलेश के नरम रवैये से भी अनबन दूर होने के संकेत मिलते दिखाई दे रहे हैं। 14 मार्च को गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव के नतीजों ने सपा कार्यकर्ताओं को होली मनाने का मौका तो दिया ही, साथ ही शिवपाल यादव को बधाई देने का भी अवसर मिला। शिवपाल यादव ने मॉरीशस से ही उपचुनाव में सपा की जीत पर मुबारकबाद दी। साथ ही ये भी कहा कि अगर 2017 में ऐसा हो गया होता तो अखिलेश यादव मुख्यमंत्री होते।

शिवपाल यादव ने कहा है कि वो विपक्षी दलों की एकता के हमेशा से पैरोकार रहे हैं. अगर हमने 2017 में भी इस तरह की एकता बनाई होती तो अखिलेश यादव फिर से मुख्यमंत्री होते।

नरेश अग्रवाल पर भी दोनों साथ !

हाल ही में अखिलेश यादव ने नरेश अग्रवाल को फिर से राज्यसभा न भेजने का फैसला लिया तो अग्रवाल पार्टी छोड़कर बीजेपी में चले गए. नरेश अग्रवाल के जाने पर सपा खेमे में एक बड़े नेता के चले जाने को क्षति के रूप में बिल्कुल नहीं देखा गया. वहीं, शिवपाल यादव ने भी नरेश अग्रवाल के जाने पर कलंक से मुक्ति मिलने की बात कही. उन्होंने कहा कि नरेश अग्रवाल समाजवादी पार्टी के लिए कलंक थे, जो अब बीजेपी में चले गए हैं। यानी जिस नेता को शिवपाल यादव कलंक मानते हैं, अखिलेश यादव ने उन्हें राज्यसभा नहीं भेजा।

होली के त्यौहार पर भी दिखा साथ

इससे पहले 2 मार्च को होली के मौके पर भी दोनों की दूरियां कम होती दिखीं और पूरा परिवार एक मंच पर साथ नजर आया। सैफई में परिवार के सदस्यों और समाजवादी नेताओं ने मिलकर होली मनाई. इस जश्न में शिवपाल यादव भी पहुंचे थे।अखिलेश यादव ने उनके पैर छूकर आशीर्वाद भी लिया। इस बार शिवपाल का अखिलेश के साथ होली मनाना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले साल विधानसभा चुनाव के दौरान दोनों के बीच जो विवाद सामने आया था, उस दौरान शिवपाल यादव ने इटावा में अपने घर पर समर्थकों के साथ होली मनाई थी।

 

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