बोधगया बम ब्लास्ट मामले में सजा का एेलान, सभी दोषी आतंकियों को मिली उम्रकैद

0
175

बोधगया सीरियल बम ब्लास्ट मामले में गुरुवार को एनआइए की विशेष कोर्ट में आरोपियों की सजा का एेलान करते हुए सबको उम्रकैद की सजा सुनाई है।

 बोधगया बम ब्लास्ट मामले में सभी आरोपी आतंकियों को आज पटना एनआइए की विशेष अदालत ने आजीवन कारावास का फैसला सुनाया है। सभी दोषी आतंकियों की सजा के सभी बिंदुओं पर सुनवाई करते हुए एनआइए की विशेष अदालत ने आज सबको सजा सुनाई है। उम्रकैद के साथ ही आरोपियों को 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

शुक्रवार की सुबह आठ बजे के बाद ब्लास्ट के सभी आरोपियों को पटना के बेउर जेल से एनआइए कोर्ट लाया गया। मामला संवेदनशील होने के कारण जेल से कोर्ट तक की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। डॉग स्क्वॉयड और बम स्क्वॉयड की टीम कोर्ट की सुरक्षा की जांच कर रही थी।

बता दें कि बोधगया सीरियल बम ब्लास्ट मामले में पांच आइएम आतंकियों को गुरुवार को ही सजा सुनाई जानी थी लेकिन अधिवक्ता द्वारा बहस के लिए समय मांगने के कारण एनआइ कोर्ट ने सजा टाल दी थी। बहस पूरी हो जाने के बाद शुक्रवार को सभी आरोपियों की सजा का एेलान किया गया।

25 मई को कोर्ट ने दोषी करार दिया था
एनआइ की विशेष अदालत ने पांचों अभियुक्तों को 25 मई को दोषी करार दिया था। सजा सुनाने के लिए आज फिर इम्तियाज अंसारी, हैदर अली, मुजीबुल्लाह अंसारी, उमेर सिद्दिकी और अजहर उद्दीन कुरैशी को बेउर जेल से लाकर न्यायालय में पेश किया गया ।
एनआइए के विशेष लोक अभियोजक ललन प्रसाद सिन्हा ने बहस करते हुए कहा कि घटना सात जुलाई, 2013 की है। महाबोधि मंदिर में नौ जगह पर बम विस्फोट किया गया था। सिन्हा ने अदालत को बताया कि यह आतंकी हमला था जिसका मकसद बौद्ध मंदिर परिसर में स्थित आवासीय विद्यालय में रह रहे सैकड़ों बच्चों को खत्म कर देना था। घटना में दो बौद्ध भिक्षु घायल हुए थे। आरोपितों ने बौद्ध मंदिर के अंदर और बाहर कुल 13 बम प्लांट किए थे। इसमें से नौ बमों में विस्फोट हुआ और तीन जिंदा बरामद किए गए थे।

एनआइए कोर्ट के विशेष लोक अभियोजक ललन प्रसाद सिन्हा के अनुसार जिन धाराओं में सभी दोषी करार दिए गए हैं, उसमें कम से कम 10 वर्ष और अधिक से अधिक उम्रकैद की सजा होगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here