न अलकायदा, न रूस और चीन, ट्रंप ने बताया कौन है अमेरिका का सबसे बड़ा दुश्मन

0
110

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका के सबसे बड़े दुश्मन के बारे में खुलासा किया है। लेकिन यह न तो अलकायदा जैसा आंतकी संगठन है और न ही रूस व चीन जैसे प्रतिद्वंद्वी देश…

अमेरिका को वैश्विक शक्ति के नाम से जाना जाता है। दुनियाभर के देशों की समस्याओं को चाहे वह उनकी घरेलू समस्या हो या अन्य हर मुद्दे पर अमेरिका अपना दखल देता रहा है। सीरिया का गृह युद्ध हो, अफगानिस्तान से आतंकवाद का सफाया करने की बात हो या फिर पाकिस्तान को आतंकमुक्त करने का मुद्दा हो। हर मुद्दे पर अमेरिका अपनी वैश्विक शक्ति का परिचय देकर इनसे निपटने का दावा करता रहा है। हाल ही में उत्तर कोरिया का निरस्त्रीकरण का मुद्दा काफी चर्चा में रहा। इसमें भी अमेरिका ने अहम भूमिका निभाई हालांकि, इसके परिणाम तो भविष्य में पता चलेंगे। इन सब से इतर इतिहास गवाह है कि अमेरिका कई बार आतंकियों के निशाने पर भी आता रहा है। लेकिन वर्तमान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ताजा बयान चौंकाने वाला है। उन्होंने बताया है कि अमेरिका को सबसे ज्यादा खतरा किससे है? उनके इस बयान के मुताबिक अमेरिका से सबसे बड़े दुश्मन माने जाने वाले अलकायदा वो खतरा नहीं है, न ही रूस और चीन हैं। सवाल ये उठता है कि फिर आज के दौर में अमेरिका के लिए सबसे बड़ा खतरा कौन है, जानते हैं इस खबर के जरिए…

ये है अमेरिका का सबसे बड़ा दुश्मन
अमेरिका में पिछले काफी वक्त से फेक न्यूज का मुद्दा गरमाया हुआ है। फेक न्यूज मीडिया से जुड़ी एक बड़ी समस्या है। जिसके तहत किसी की छवि को धूमिल करने या अफवाह फैलाने के लिए झूठी खबर पब्लिश की जाती है। ऐसी झूठी खबरों पर रोक लगाने की पहल दुनियाभर में चल रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति तो इस शब्द का बार-बार इस्तेमाल करते हैं और इसी वजह से वे बार-बार मीडिया के निशाने पर भी आ जाते हैं। आए दिन इसके खिलाफ वे मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर करते रहते हैं। ट्रंप ने एक बार फिर से इस मुद्दे को लेकर मीडिया पर जमकर अपनी भड़ास निकाली है

उन्होंने कहा है कि मीडिया के द्वारा फैलाया जा रहा फेक न्यूज ये बताता है कि अमेरिका का सबसे बड़ा दुश्मन और कोई नहीं बल्कि खुद मीडिया है। उन्होंने ये आरोप लगाया है कि उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन के साथ हुए शिखर सम्मेलन को मीडिया ने एक असफल प्रयास बताया। उन्होंने टिप्पणी कर कहा कि खासकर एनबीसी और सीएनएन पर इस तरह के फेक न्यूज देखना वाकई में बड़ा ही हास्यास्पद है।

दो मीडिया संस्थान खास तौर पर ट्रंप के निशाने पर
ट्रंप ने कहा, वे उत्तर कोरिया के साथ हुए अमेरिकी समझौते को असफल दिखान की भरपूर कोशिश कर रहे हैं। जबकि 500 दिन पहले यही मीडिया कह रहा था कि दोनों देशों के बीच इस समझौते से तनाव और युद्ध जैसे हालात का अंत होगा। ट्रंप ने ट्विटर के जरिए बुधवार को व्हाइट हाउस पहुंचने से पहले ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि हमारे देश का सबसे बड़ा दुश्मन फेक न्यूज है, ये एक ऐसी चीज है जिससे आसानी से किसी को भी बेवकूफ बनाया जा सकता है।

व्हाइट हाउस जाएंगे किम जोंग उन
बता दें कि, उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन से सिंगापुर में मुलाकात करने के बाद वाशिंगटन पहुंचते ही ट्रंप ने ये ट्वीट किया। अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच महीनों चले तनाव के बाद दोनों देशों के नेताओं के बीच ये पहली शिखर वार्ता हुई। इस ऐतिहासिक मुलाकात में दोनों नेताओं ने निरस्त्रीकरण की प्रक्रिया पर जोर देने पर चर्चा की। वहीं डोनाल्ड ट्रंप ने दक्षिण कोरिया और अमेरिका के संयुक्त सैन्य अभ्यास को समाप्त करने की भी घोषणा की। मुलाकात में ट्रंप ने किम जोंग उन को व्हाइट हाउस आने का भी न्योता दिया, जिसे उत्तर कोरियाई नेता ने सहर्ष स्वीकार किया। इस लिहाज दोनों नेताओं के बीच हुई ये शिखर वार्ता को सफल बताया जा रहा है।

गौरतलब है कि सिंगापुर से लौटने के बाद जब से अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अपना कार्यालय संभाला है वे लगातार मीडिया की आलोचना कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने बस फॉक्स न्यूज को छोड़कर बाकी सभी प्रमुख अमेरिकी मीडिया संस्थानों पर गलत कवरेज का आरोप लगाते हुए उनकी कड़ी आलोचना की है।

क्या है फेक न्यूज
अगर आप मीडिया इंडस्ट्री से हैं या नजदीक से जुड़े हैं तो आप जानते ही होंगे कि फेक न्यूज क्या है। यह एक तरह की पीत पत्रकारिता (येलो जर्नलिज्म) है। इसके तहत किसी के पक्ष में प्रचार करना व झूठी खबर फैलाने जैसे कृत्य आते हैं। किसी व्यक्ति या संस्था की छवि को नुकसान पहुंचाने या लोगों को उसके खिलाफ झूठी खबर के जरिए भड़काने को कोशिश फेक न्यूज है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here