दिल्ली में फिर सीलिंग अभियान तेज, कई दुकानें और शोरूम सील

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दिल्ली में एक बार फिर से सीलिंग अभियान तेज हो गया है. साउथ दिल्ली में बड़े पैमाने पर सीलिंग अभियान चलाते हुए कई मशहूर ब्रांड के शोरूम को सील किया गया. नजफगढ़ जोन NH-8 पर रंगपुरी में मॉनिटरिंग कमेटी के सदस्यों की मौजूदगी में 152 दुकानों, शोरूम और रेस्तरां  को सील किया गया.

साउथ एमसीडी के मुताबिक रंगपुरी और महिपालपुर में एडिडास, पूमा, ओक्टोवे, मदर केयर, शौकीन प्रॉपर्टिज, गीतांजली सैलून के साथ ही बाइक और कार के कई शोरूम को सील किया गया.

इसके अलावा कापसहेड़ा रेड लाइट से कापसहेड़ा बॉर्डर तक तीन किमी सड़क के दोनों ओर विक्रेताओं और दुकानदारों द्वारा किए अतिक्रमण को हटाया गया. राजाराम मार्ग, खानपुर सब्जी मंडी, पुष्पा भवन रेड लाइट, रिंग रोड पर हयात होटल से धौलाकुआं तक अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया गया. इस दौरान सात वाहन और छह रेहड़ी जब्त की गईं. इसके अतिरिक्त 25 अस्थायी ढांचे भी ढहाए गए.

एमबी रोड पर बत्रा अस्पताल से बदरपुर अंडर पास तक कार्रवाई करते हुए 15 अस्थायी ढांचे ध्वस्त किए गए और पांच रेहड़ी जब्त की गईं. इस कार्रवाई में तीन किमी इलाके से अतिक्रमण हटाया गया. उत्तम नगर टर्मिनल रेड लाइट से द्वारका मोड़, रघुबीर नगर और मायापुरी प्रेस कॉलोनी में कार्रवाई करते हुए 18 टू-व्हीलर समेत 31 वाहन, पांच रेहड़ी और 15 रिक्शा जब्त किए गए.

नॉर्थ दिल्ली में भी चली मुहिम

नॉर्थ एमसीडी में सिटी सदर पहाड़गंज जोन की टीम ने भी मीरदर्द रोड, माता सुंदरी रोड, ईदगाह रोड, सिंघाड़ा चौक, नॉवल्टी सिनेमा, लोधी अवंति बाई चौक इलाके में कार्रवाई करते हुए 23 वाहनों को जब्त किया.

वहीं, करोलबाग के रैगरपुरा रोड पर कार्रवाई करते हुए आठ वाहनों को जब्त किया गया और 23 अवैध विज्ञापनों को हटाया गया. इसी तरह रोहिणी इलाके के सुखी नगर से दुर्गा चौक और हैदरपुर चौक से सेक्टर-18 टी पॉइंट तक कार्रवाई करते हुए पांच वाहनों को जब्त किया गया.

क्यों हो रही है सीलिंग

दिल्ली में निर्माण कार्यों के लिए एमसीडी से इजाजत लेनी पड़ती है. राजधानी के अलग-अलग इलाकों में अवैध निर्माण की शिकायतों के बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने साल 2005 में एक्शन का आदेश दिया था. एमसीडी का लचीला रवैया देखकर मामला सुप्रीम कोर्ट के पास पहुंचा गया.

इसके बाद शीर्ष अदालत ने साल 2006 में अवैध निर्माण की सीलिंग करने के आदेश जारी किए. फिर दुकानों या कॉमर्शियल प्रॉपर्टी को सीलिंग से बचाने के लिए सरकार ने कन्वर्जन चार्ज का प्रावधान किया.

कारोबारियों ने ये चार्ज अदा करने में भी लापरवाही दिखाई, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने ऐसी दुकानों या प्रॉपर्टी को सील करने का आदेश दिया और इसके लिए एक मॉनिटरिंग कमेटी का गठन किया. अब मॉनिटरिंग कमेटी की देखरेख में ऐसी दुकानों को सील किया जा रहा है, जिन्होंने कन्वर्जन चार्ज जमा नहीं कराया है.

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