तेल कंपनी ONGC को झटका, निजी कंपनी वेदांता को तेल-गैस के मिले 41 ब्लॉक

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नई दिल्ली: अनिल अग्रवाल की वेदांता ने सरकारी तेल कंपनियों को पछाड़ते हुए सर्वाधिक 41 ब्लॉक हासिल किए. जबकि बोली के आखिरी दिन सरकारी क्षेत्र की ओएनजीसी ने अन्य सहयोगी कंपनियों के साथ मिलकर 37 ब्लॉक के लिए दावेदारी की थी. मगर आवंटन में निजी कंपनी की तुलना में 55 में से महज 16 ब्लॉक से ही संतोष करना पड़ा.

मुनाफ कमा रही ओनजीसी, फिर भीः चौंकाने वाली बात यह है कि तेल और गैस की देश की सबसे बड़ी सरकारी कंपनी ओएनजीसी लगातार मुनाफा कमा रही है. सरकारी ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्प (ONGC ने जून में खत्म हुई तिमाही में 6,143.88 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया.

कंपनी ने खुद अपने बयान में साल-दर-साल आधार पर 58.15 फीसदी का मुनाफा दर्ज होने की बात कही थी. ओएनजीसी ने कहा था कि उसने पिछले साल की समान तिमाही में 3,884.73 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था. बावजूद इसके तेल एवं गैस ब्लॉक आवंटन में कंपनी के पिछड़ने पर सवाल खड़े हो रहे हैं.

यह पहला मौका था, जब देश में तेल और गैस के लिए खोजे गए ब्लॉक की खुली नीलामी हुई. दरअसल केंद्र सरकार ने अप्रैल में एक फैसला लिया था, जिसमें खुला क्षेत्र लाइसेंसिंग नीति (OALP) के तहत तेल और गैस ब्लॉक की नीलामी के विजेताओं को ब्लॉक आवंटन की बात थी. ब्लॉक आवंटन पर फैसला लेने के लिए वित्त और पेट्रोलियम मंत्रालय को अधिकृत किया गया था.

नई नीति के पीछे तर्क दिया गया है कि इससे तेल-गैस की कीमतों में होने वाली बढ़ोत्तरी और उत्पादन वृद्धि दोनों स्थिति में सरकार को उचित हिस्सेदारी मिलेगी. जबकि पुराना यानी उत्पादन साझेदारी ठेके के मॉडल को विवादास्पद बताया जाता रहा.

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