जीजा-साले ने दोस्त का कत्ल कर किए 6 टुकड़े, मांगी 50 लाख की फिरौती

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दिल्ली में हत्या की एक ऐसी वारदाता सामने आई है, जिसमें पैसों की भूख ने दो व्यक्तियों की आंख पर ऐसी पट्टी बांधी कि दोनों ने अपने ही दोस्त का कत्ल कर दिया. इतना ही नहीं दोनों ने कत्ल कर न सिर्फ अपने दोस्त की लाश के 6 टुकड़े कर डाले, बल्कि उसके घरवालों से 50 लाख रुपये की फिरौती भी मांग डाली.

पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों को बिहार से गिरफ्तार कर लिया गया है. दोनों आरोपी एकदूसरे के रिश्तेदार हैं. उनके बीच जीजा-साले का रिश्ता है. पुलिस ने आरोपियों की पहचान भूषण उर्फ वरुण (जीजा) और विक्की उर्फ ऋतुराज (साला) के तौर पर की है, जबकि मृतक की पहचान सचिन के तौर पर की है.

पुलिस ने बताया कि आरोपी जीजा-साले अपने दोस्त सचिन की हत्या की उसी के मोबाइल से उसके घर वालों से फिरौती मांग रहे थे. उसी मोबाइल को ट्रैक करते हुए पुलिस आरोपियों तक पहुंची. पुलिस जब आरोपियों का पीछा-पीछा करते-करते बिहार पहुंची तो दोनों अपने घरों में ऐश फरमा रहे थे.

पुलिस पूछताछ में दोनों ने हत्या का जुर्म कुबूल कर लिया है. जानकारी के मुताबिक, दिल्ली में रहते हुए मृतक सचिन ने दोनों को अपने यहां पार्टी पर इनवाइट किया था. सचिन की पार्टी में आरोपी जीजा-साले उसकी दौलत देखकर हैरान रह गए थे.

तभी से दोनों ने मन में ठान लिया था कि सचिन को किडनैप कर उसके घरवालों से ऊंची रकम ऐंठी जा सकती है. प्लान के मुताबिक दोनों ने अपने दोस्त सचिन को किसी बहाने से अपने कमरे पर बुलाया. लेकिन सचिन जब उनके घर पहुंचा तो दोनों ने सचिन का हाथ-पैर बांध दिया और काम पर चले गए.

काम से लौटकर आने के बाद आरोपी जीजा-साले ने मिलकर सचिन का कत्ल कर दिया और लकड़ी काटने वाली आरी से लाश के 6 टुकड़े  कर डाले. ऐसा उन्होंने सबूत मिटाने के लिए किया. लाश के टुकड़ों को उन्होंने पास के ही सेप्टिक टैंक में फेंक दिया था.

इधर सचिन के परिवार वालों ने बाबा हरिदास नगर थाने में उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई. पुलिस अभी मामले की जांच कर ही रही थी कि सचिन के घरवालों ने पुलिस को बताया कि उनके पास फिरौती की कॉल आ रही है.

आरोपी जीजा-साले सचिन के घरवालों से 50 लाख मांग रहे थे. हालांकि सचिन के पिता ने 10 लाख की फिरौती देने की बात मान ली थी. सचिन के पिता द्वारा 10 लाख की फिरौती देने की बात मान लेने के बावजूद दोनों ने सचिन का कत्ल कर दिया.

लेकिन इन सबके बीच आरोपियों ने एक गलती कर दी. फिरौती मांगने के लिए वे सचिन के मोबाइल का ही इस्तेमाल कर रहे थे. पुलिस ने मोबाइल ट्रैक करना शुरू किया तो पता चला कि आरोपी लगातार शहर बदल रहे थे. कभी आरोपियों की लोकेशन सोनीपत मिलती तो कभी बवाना.

आखिरकार मोबाइल ट्रैक करते-करते पुलिस आरोपियों के घर बिहार जा पहुंची और दोनों को गिरफ्तार कर लिया. DCP शिबेश सिंह ने बताया कि टेक्निकल सर्विलांस के आधार पर दोनों को बिहार से गिरफ्तार किया गया. दोनों की मृतक सचिन से अच्छी जान पहचान थी. 12 मई को आरोपियों ने सचिन को फोन करके मिलने के लिए बुलाया था.

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