छत्‍तसीगढ़ चुनाव से पहले कांग्रेस को फिर आई राज्‍य के बुजुर्गों और युवाओं की याद

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छत्तीसगढ़ में सरकार बनाने के लिए कांग्रेस बुजुर्गों का आशीर्वाद लेगी। अभी तक पार्टी युवाओं को जोड़ने और उन्हें जिम्मेदारी देने को प्राथमिकता देती रही है, लेकिन अब पार्टी को फिर से बुजुर्गों की याद आ गई है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को बुजुर्गों तक पहुंचने के लिए कहा है। राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देश का पालन शुरू हो गया है। पार्टी के हर संकल्प शिविर में जोन, बूथ और पारा-टोला के प्रभारियों को बुजुर्गों से मिलकर उन्हें सम्मान देने के लिए कहा जा रहा है।

युवाओं को महत्‍व
राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने से पहले राहुल गांधी युवाओं को महत्व देते रहे हैं। उनकी मंशा रही है कि युवाओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देकर नए विजन के साथ पार्टी को मजबूत किया जाए। इसी कारण प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रतिनिधियों और प्रदेश को-ऑप्शन सदस्यों में युवाओं को जगह दी गई। इस बीच बुजुर्ग नेताओं ने पार्टी से दूरी बना ली। पूर्व मंत्री रामचंद्र सिंहदेव समेत कई नेताओं ने उपेक्षा की शिकायत भी की।

विधानसभा चुनाव करीब आने पर पार्टी बुजुर्ग नेताओं को वापस सम्मान देने में लग गई है। बुजुर्ग नेताओं और उनके समर्थकों को संतुष्ट करने के लिए प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया मेल-मुलाकात कर रहे हैं। बुजुर्ग नेताओं के अलावा बूथ स्तर पर भी पंजा छाप की पकड़ मजबूत की जाएगी।
लोगों के बीच जाएंगे पार्टी नेता
पार्टी के नेताओं का कहना है कि 50-55 साल या उससे अधिक आयु के बहुत से लोग आज भी पंजा छाप को ही जानते हैं। उनकी विचारधारा में गांधी परिवार बसा हुआ है। ऐसे लोगों के बीच पार्टी के नेता-कार्यकर्ता जाएंगे और उनसे कांग्रेस-भाजपा की विचारधारा पर बात करेंगे। पार्टी के नेता-कार्यकर्ता यह समझाने की कोशिश करेंगे कि भाजपा की विचारधारा किस तरह से देश को तोड़ने और लोकतंत्र का उल्लंघन करने वाली है। इसके पीछे पार्टी की यह मंशा है कि जब कोई बुजुर्ग भाजपा की विचारधारा से नफरत करने लगेगा तो परिवार के दूसरे सदस्य भी उससे प्रभावित होंगे।
इस माह चलेगाग अभियान 
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और समाज के अन्य बुजुर्गों को साधने का अभियान इस माह चलेगा। प्रदेश के 90 विधानसभा क्षेत्रों में से 67 विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस का संकल्प शिविर लग चुका है। 10 जून तक पूरे विधानसभा क्षेत्रों में शिविर खत्म करने का कार्यक्रम बना हुआ है। जिस क्षेत्र में संकल्प शिविर लग चुका है, वहां बुजुर्गों को साधने का अभियान शुरू कर दिया गया है। माह के अंत तक इस अभियान को खत्म करने का लक्ष्य है, ताकि पार्टी में न तो कोई असंतुष्ट नेता बचे और न ही बुजुर्गों के बीच पार्टी कमजोर रहे।

काम आएगा बुजुर्गों का अनुभव, युवाओं की ताकत
पार्टी के नेताओं का कहना है कि विपक्षी पार्टी होने के कारण कांग्रेस के पदाधिकारियों को न केवल चुनावी गतिविधियों, बल्कि सरकार के खिलाफ मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ रही है। राहुल गांधी ने संगठन में युवाओं की संख्या बढ़ाई है। चुनाव में भी युवाओं को अधिकाधिक टिकट देने की बात कही है। लेकिन, इस नीति से पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के सम्मान को कम नहीं होने दिया जाएगा। कांग्रेस की सरकार बनाने के लिए युवा शक्ति से किस तरह से काम लिया जाए, यह सुझाव बुजुर्ग नेताओं से लिया जाएगा।

क्‍या कहते हैं पार्टी नेता
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री शैलेश नितिन त्रिवेदी के मुताबिक संकल्प शिविरों में कार्यकर्ताओं से कहा जा रहा है कि वे पार्टी के वरिष्ठ नेताओं तक जाएं। उनका सम्मान करेंगे और उन्हें मार्गदर्शक बताते हुए, पार्टी के लिए सुझाव मांगें। वरिष्ठ नेताओं के अनुभव का लाभ उठाने की पूरी कोशिश होगी। इसके अलावा, ऐसे बुजुर्ग जो राजनीति में सक्रिय रूप से नहीं जुड़े हैं, उनसे भी कांग्रेस के नेता-कार्यकर्ता मिलेंगे। उनसे भी सुझाव मांगा जाएगा।

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