Published On: Thu, Oct 12th, 2017

आरुषि हत्याकांड में हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलवार दंपति को किया बरी

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(आईबीए):-नोएडा के बहुचर्चित आरुषि-हेमराज हत्याकांड में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैसला सुना दिया है. कोर्ट ने आरुषि के माता-पिता को बरी कर दिया है. न्यायमूर्ति बीके नारायण और न्यायमूर्ति अरविंद कुमार मिश्र की खंडपीठ ये फैसला सुनाया. हाई कोर्ट ने तलवार दंपति के खिलाफ सबूतों को नाकाफी बताते हुए इन्हें बरी कर दिया. इसी के साथ ट्रायल कोर्ट की चार्जशीट खारिज हो चुकी है. कोर्ट का फैसला तलवार दंपति डॉ. राजेश तलवार और नुपुर तलवार के लिए बहुत बड़ी राहत हो जो 2013 से डासना जेल में बंद हैं.
तलवार दंपति के वकील तनवीर अहमद ने एक न्यूज चैनल से बातचीत में बताया कि दोनों कल किसी भी वक्त जेल से बाहर आ जाएंगे. बताया जा रहा है कि जेल में इस फैसले की खबर सुनने के साथ ही राजेश और नुपुर तलवार भावुक हो उठे. राजेश तलवार अपनी बैरक में थे जबकि नुपुर तलवार अस्पताल कंपाउंड में थीं.
रिपोर्ट्स के मुताबिक गाजियाबाद के डासना जेल में बंद आरुषि के पिता डॉ. राजेश तलवार और मां नुपुर तलवार जेल की बैरक में ही फैसले का इंतजार कर रहे थे और पल पल की जानकारी टीवी के जरिए हासिल कर रहे थे. बताया जा रहा है कि फैसले से पहले तलवार दंपति इस कदर तनाव में दिखे कि सुबह का नाश्ता भी नहीं किया. गाजियाबाद स्थित विशेष सीबीआई अदालत ने 26 नवंबर 2013 को राजेश और नुपुर को उम्रकैद की सजा सुनाई थी.
तलवार दंपति को आजीवन कारावास
इस मामले में आरोपी दंपती डा. राजेश तलवार और नुपुर तलवार ने सीबीआइ कोर्ट गाजियाबाद की ओर से आजीवन कारावास की सजा के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील दाखिल की थी. दोनों पक्षों की लंबी बहस के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित कर लिया था.
मालूम हो कि डॉ. तलवार की नाबालिग पुत्री आरुषि की हत्या 15-16 मई 2008 की रात नोएडा के सेक्टर 25 स्थित घर में ही कर दी गई थी. शुरुआत में शक की सुई घर के नौकर हेमराज की ओर गई, लेकिन दो दिन बाद मकान की छत से हेमराज की लाश बरामद हुई जिसने मामले को और उलझा दिया.

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